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रिश्तों की अंतिम सच्चाई

  रिश्तों की अंतिम सच्चाई :                          ****************** स्त्री और पुरुष प्रेम के अंतर को कैसे समझें..? क्या प्रेम-प्रेम में अंतर है? जब कोई हाथ छोड़ दे तो क्या करें...? हाथ पकड़ना आसान है। हाथ छोड़ना भी आसान है। कठिन यह समझना है कि हाथ आखिर छोड़ा क्यों गया? हममें से ज्यादातर लोग रिश्तों को उनके दिखाई देने वाले क्षणों से समझते हैं। कोई मुस्कुराकर हमारे पास बैठा है तो हम मान लेते हैं कि वह हमारे साथ है। कोई रोज फोन करता है तो हमें लगता है कि रिश्ता जीवित है। कोई हमारे हाथ में अपना हाथ रखे हुए है तो हम निश्चिंत हो जाते हैं कि वह कहीं नहीं जाएगा। ऐसा होता है क्या...? कितने रिश्ते आदमी के छूटते हैं। टूटते हैं। रात दिन साथ रहने का वादा करने वाले भी अलग हो जाते हैं। क्यों...?  रिश्तों की यात्रा शुरु कैसे होती है...? क्या मन से और फ़िर दूरी कैसे हो जाती है?   मनुष्य का मन हाथ छूटने से बहुत पहले यात्रा शुरू कर देता है। शरीर वहीं रहता है, मन कहीं और चला जाता है और हमें अक्सर पता ही नहीं चलता कि साम...

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