यात्रा का अनुभव
यात्रा का अनुभव : ••••••••••••••••• क्षमा चाहती हूं कि पिछले 15 -20 दिनों से मैं कोई ब्लॉग नहीं लिख पाई। कारण - मैं थाईलैंड घूमने गई थी और आज वहीं से जुड़े कुछ अच्छे अनुभव आप सभी के साथ साझा करूंगी। हमने जोधपुर से दिल्ली पहुंचकर अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट ली और फुकेत पहुंचे। दो दिन के वहां के स्टे में बहुत ही बेहतरीन अनुभवों से दो चार हुए। खूबसूरत जगहें, ईमानदार लोग , नियम की पालना और जिंदगी को भरपूर जीने की चाह। यहां थोड़ा अंतर बताना जरूरी है वो ये कि हिंदुस्तान में रहते हुए अमूमन यही महसूस हुआ कि यहां लोगो में ईमानदारी की कमी है। ये कमी रोड पर सिग्नल पर, सफाई के मामले में, भुगतान के मामले में और खुद से थोड़ा ऊपर उठकर देशहित का सोचने के मामले में नजर आती है। थाईलैंड में जो सबसे बेहतरीन अनुभव हुआ वह ये की उनकी सड़कों पर हॉर्न नहीं बजता। बेवजह का शोर शराबा नहीं। क्योंकि सभी अपनी लेन में smoothly drive कर रहे होते हैं। 10-12 दिन के टूर में हॉर्न ना सुनाई देना अपने आप में एक उपलब्धि की तरह महसूस हो रहा था। बड़ी सवारी वाले लोग पैदल सड़क पार करने वालो को प्राथमिकता देते हैं। अगर आप सड़क पार क...







