Commitment of Escalation Effect
Commitment of Escalation Effect : •••••••••••••••••••••••••••••••••• आज एक नया कंसेप्ट समझते हैँ... ज़िंदगी से ही जुड़ा है। पर है थोड़ा भिन्न जिसे हम अमूमन अनदेखा करते है। जिससे हालात मुश्किल हो जाते हैँ । इस कंसेप्ट को समझने के लिए पहले एक छोटा सा किस्सा सुनते हैँ..... एक बड़े मगरमच्छ ने एक इलेक्ट्रिक ईल को जबड़ों में दबोच लिया। ईल ख़ुद को बचाने के लिए बिजली के झटके देने लगी। मगरमच्छ को दर्द होने लगा। मगर उसे छोड़ना चाह रहा था। पर प्रकृति ने उसके स्वाभाव में ये कमजोरी दे दी कि जैसे ही ज़्यादा दर्द होगा उसके जबड़े और भींचते जाते हैँ...वो मुहं खोलकर उसे छोड़ नहीं पाता। मतलब जितना अधिक दर्द उतनी मज़बूत पकड़। ईल बचाव के लिए करेंट छोड़ना शुरू करती है। लेकिन जबड़ा और कसता देखकर वह अपना करंट 800 वॉट और बढ़ा देती है। आसपास का पानी उबलने लगता है। भाप उठने लगती है। मगर का शरीर काँपने लगता है। लेकिन फ़िर भी वो उसे छोड़ नहीं पाता। एक मौत दूसरी मौत से लड़ाई लड़ती रही। आख़िर में ईल का शरीर टूट गया और मगर जल कर काला पड़ गया। दोनों लाशें पानी कि सतह पर जाकर बैठ गई। अब इस concept ...






